Allhabad High Court verdict: हाईकोर्ट ने दोहराया कि किसी भी नाबालिग की कस्टडी का फैसला यांत्रिक तरीके से नहीं किया जा सकता. इसके लिए जरूरी है कि सभी तथ्यों, परिस्थितियों और सबूतों की गहन जांच की जाए. कोर्ट ने कहा कि बच्चे की भलाई का आकलन किए बिना कोई भी फैसला न्यायसंगत नहीं माना जा सकता. इस प्रक्रिया में पक्षकारों से बातचीत और सभी पहलुओं की जांच आवश्यक होती है.
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